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Essay on science boon or bane in Hindi विज्ञान एक वरदान या एक श्राप

Essay on science boon or bane

लगातार बदलते हुए आधुनिक युग में मानव सभ्यता ने बहुत प्रगति कर ली है। मानव सभ्यता की इस प्रगति में विज्ञान का बहुत योगदान रहा है। विज्ञान ने मानव सभ्यता के जीवन को बहुत ही आसान बनाकर रख दिया है। आज ऐसी स्थिति बन चुकी है कि पूरा विश्व विज्ञान के आविष्कारों पर टिका हुआ है इसीलिए आज के आधुनिकतम युग को विज्ञान का युग भी कहा जाता है।

एक समय ऐसा था जब चंद किलोमीटर की दूरी तय करने में कई दिन लग जाते थे। लोग यात्रा के लिए घोड़ागाड़ी तथा बैलगाड़ी का प्रयोग करते थे लेकिन उनके आविष्कार जैसे साइकिल, कार, बाइक, स्कूटर, रेलगाड़ी और हवाई जहाज आदि ने हजारों किलोमीटर की दूरी को भी काफी कम कर दिया है। विज्ञान के ये आधुनिकतम आविष्कार दूरी को कम करने के साथ साथ समय की भी बचत करते हैं।

प्राचीन समय में अंतरिक्ष की घटनाओं से अनभिज्ञ था वह सूर्य ग्रहण तथा चंद्र ग्रहण जैसी घटनाओं को दैवीय कोप मानता था। उस समय मानव को पृथ्वी की संरचना अपने बारे में कुछ भी पता नहीं था आज ऐसा दौर आ चुका है कि विज्ञान के आविष्कारों ने इन सभी रहस्यों को खोल कर रख दिया है। आज का मनुष्य जानता है कि सूर्य ग्रहण और कैसे होता है इतना ही नहीं वह यहभी जानता है कि पृथ्वी से सूर्य की दूरी कितनी है। आज मनुष्य ने विज्ञान के द्वारा इतनी प्रगति कर ली है कि वह अंतरिक्ष में स्थित दूसरे ग्रहों के बारे में भी जानकारी जुटाने में लगा हुआ है। इतना बदलाव विज्ञान के द्वारा ही मुमकिन हो सका है।

Essay on science boon or bane

चिकित्सा के क्षेत्र में भी मानव सभ्यता ने बहुत प्रगति कर ली है। आज चिकित्सक आधुनिकतम मशीनों के प्रयोग द्वारा किसी भी रोग के बारे में प्रथम पड़ाव में ही पहचान कर लेते हैं। आज किसी भी रोग का इलाज सुगमता के साथ संभव संभव हो चुका है। कोई भी बीमारी लाइलाज नहीं रह गई है। इतना ही नहीं बड़े-बड़े ऑपरेशन भी मिनटों में पूरे हो जाते हैं। इन सब का श्रेय की आधुनिक तकनीकी को जाता है।

आज का मनुष्य टी.वी. और इंटरनेट पर फिल्में और सीरियल देख कर अपना मनोरंजन करता है। इसके अलावा वह फुटबॉल और क्रिकेट आदि खेलों के मैच टीवी पर लाइव देख सकता है और घर पर ही बिना पैसा खर्च किए हुए उन्हें देखकर अपना मनोरंजन कर सकता है। टी.वी. पर आज कई सारे न्यूज़ चैनलों का भी प्रसारण होता है जिन्हें देखकर वह किसी भी घटना का पूरा विवरण आसानी से जान सकता है यह सब विज्ञान की प्रगति के कारण ही मुमकिन हो सका है।

इस प्रकार मनुष्य के जीवन में विज्ञान एक वरदान के रूप में साबित हुआ है। लेकिन विज्ञान के कारण मानव सभ्यता को कुछ हानि भी हुई है। विज्ञान के आधुनिकतम आविष्कारों ने एक ओर जहां मनुष्य की जीवन को आसान बनाया है वहीं दूसरी ओर विज्ञान के इनआविष्कारों ने जल प्रदूषण, मृदा प्रदूषण, वायु प्रदूषण तथा ध्वनि प्रदूषण को भी उत्पन्न कर दिया है जिसके कारण धरती के तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है, बर्फ पिघल रही है, प्रदूषित वायु में मनुष्य का सांस लेना मुश्किल हो गया है तथा पीने योग्य स्वच्छ जल प्रदूषित हो रहा है। यह सभी कारण मनुष्य जाति के लिए निश्चित ही भविष्य में मुश्किल पैदा करेंगे।

विज्ञान के कारण मनुष्य सभ्यता आज विनाश के कगार पर खड़ी है स्थिति यहां तक गंभीर हो चुकी है कि महाविनाश किसी भी हर संभव हो सकता है। मनुष्य ने आधुनिक युग में युद्ध के लिए विज्ञान की सहायता से ऐसे हथियारों को उन्नत कर लिया है जो किसी भी देश को कुछ ही मिनटों में समूल नष्ट कर सकते हैं। यह हथियार इतने घातक है कि इनके एक बार प्रयोग से ही पृथ्वी के वायुमंडल पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ेगा। अमेरिका द्वारा हिरोशिमा और नागासाकी पर फेंके गए परमाणु बम का असर आज भी जापान में देखने को मिलता है।

उक्त तथ्यों को देख कर कहा जा सकता है कि विज्ञान द्वारा उन्नत आविष्कार मानव सभ्यता के लिए वरदान है लेकिन मनुष्य ने उनका अनुचित तरीके से प्रयोग करके विज्ञान को अपने लिए अभिशाप घोषित कर दिया है। हम कह सकते हैं कि विज्ञान हमारे लिए वरदान साबित हुआ है तो वहीं दूसरी ओर एक अभिशाप भी।

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